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प्रसन्नता ( HAPPINESS ) ' जो दुःख हर दूसरों का जीता, वही मनुज आते है याद मृत्युपरांत, आत्मा उनकी इस लोक भी-उस लोक भी, कर परमार्थ हो क्लांत, अगर सागर मंथन से मिला पियूष पात्र, मोहिनी बने नारायण को, आँचल में सागर के गरल भी था, शिव ने पिया विश्व कष्ट हरण को, सुधा-पान कर अमरत्व नहीं होता प्राप्त, कर दीन की सेवा महान, प्रसन्नता मिलती ,पहचान कर, स्वयं का विश्व के प्रति योगदान, सक्षम बनती वो अनल, जल रही जो तीव्र अभिलाषाओं के मध्य, ये प्रेरक शक्तियां देती खुशियाँ, जब मिलाता हमें अनमोल लक्ष्य, सुखमय जीवन करती उसकी उदारता, जिसने भी बांटा निश्काम, आशीर्वाद ले दीन-दुखियों का, संसार का यह सबसे बड़ा सत्काम, सफलता के पश्चात नहीं आती खुशियाँ, है सफल वही, जो है हर्षित, सत्य कहा कृष्ण ने दे गीता ज्ञान, जो ...
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Abhishek Tiwari
| Commented
| 1 year ago
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Its Too Gud....
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Abhishek Tiwari
| Commented
| 1 year ago
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Too good man.....nice to read....
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Insight: "प्रसन्नता" deleted from your view.
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प्रसन्नता ( HAPPINESS ) ' जो दुःख हर दूसरों का जीता, वही मनुज आते है याद मृत्युपरांत, आत्मा उनकी इस लोक भी-उस लोक भी, कर परमार्थ हो क्लांत, अगर सागर मंथन से मिला पियूष पात्र, मोहिनी बने नारायण को, आँचल में सागर के गरल भी था, शिव ने पिया विश्व कष्ट हरण को, सुधा-पान कर अमरत्व नहीं होता प्राप्त, कर दीन की सेवा महान, प्रसन्नता मिलती ,पहचान कर, स्वयं का विश्व के प्रति योगदान, सक्षम बनती वो अनल, जल रही जो तीव्र अभिलाषाओं के मध्य, ये प्रेरक शक्तियां देती खुशियाँ, जब मिलाता हमें अनमोल लक्ष्य, सुखमय जीवन करती उसकी उदारता, जिसने भी बांटा निश्काम, आशीर्वाद ले दीन-दुखियों का, संसार का यह सबसे बड़ा सत्काम, सफलता के पश्चात नहीं आती खुशियाँ, है सफल वही, जो है हर्षित, सत्य कहा कृष्ण ने दे गीता ज्ञान, जो ...
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Abhishek Tiwari
| Commented
| 1 year ago
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Its Too Gud....
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Abhishek Tiwari
| Commented
| 1 year ago
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Too good man.....nice to read....
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Insight: "प्रसन्नता" deleted from your view.
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मुझे तो मर ही जाना होता है,पर मैं अमर रहता हूँ। कोई समझ पाए या नहीं मेरे प्रेम की कीमत,पर होती वो मेरी जान के बराबर है। मैं एक छोटा सा पतंगा ये जानते हुए कि कभी भी कहीं से एक लौ के वार से मैं अपनी साँसें खो दूँगा। मैं चल पड़ता हूँ पागलों की तरह तेरे पीछे, तुझे देखकर खुशी से झूम उठता हूँ। तेरे चारों तरफ घूमता रहता हूँ। कुछ पल तेरे दीदार की खुशी मेरे आनेवाली दर्दनाक मौत का खौफ भी भुला देती है। ऐ मेरी रोशनी, मैं तुझसे तहे दिल से प्रेम करता हूँ। मैं तेरे प्यार में दीवाना इतना, कि ये जानते हुए कि तुझसे मुझे कुछ ना मिलेगा, अपनी एकमात्र पूँजी अपना अस्तित्व भी मिटा देता हूँ। लोग सोचते हैं कि मैं कितना छोटा और लाचार हूँ। पर सच तो यह है कि मैं चंद इंच छोटा सा जीव इस विशाल मनुष्य जाति से कई गुना बड़ा ...
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Sairam. M
| Commented
| 1 year ago
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ISS DUNIYA MEIN PYAR BADEE MUSHKIL SEY MILTA HAII, USKEY LIYE EK INSAAN KISEE BHEE HADH TAKH JAA SAKTA HAI. AGAR WOH PYAR PANEY MEIN KAMAYAB HUA TOH BHI AJU BAJU KEYY LOGH WOH DOH PREM KARNEY WALON KOH ALAGH KARDETEY HAIIN...KYUN KEE IRSHAH AUR...
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Insight: "True Love" deleted from your view.
Dear All, As of now we are running up with following positions in our organization: STPL INc. - Lucknow Technical Lead (1)/ SSE(2)/SE(2): · Jboss BPM – MUST · JBoss ESB – MUST · Expertise in at least...
Job: "Technical Lead , Must Have skill / Tag, STPL India, Lucknow " deleted from your view.
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बहुत प्यार करते थे न मुझे , फिर क्यों चले गये... ? मुझमे मेरे होने का अहसास कराया था तुमने , फिर खुद को मुझमे समाहित कर, क्यों चले गये?कहा चले गये? तुम्हारे बिना मेरी दुनिया क्या होगी, इसका फैसला किये बिना तुम क्यों चले गये? सबकुछ तो वही है,बस तुम्हारी कमी खलती है , तुम्हारी ये राधा तुम्हे हर पल पूजा करती है. कभी तो मिलोगे,कही तो मिलोगे, एक बार छला मुझको ,पर अब न छलोगे. कह दो एक बार की तुम मेरे लिए हो, ये था तुम्हे एहसास ,इसलिए फिर से मिले हो. अब जो मिले हो, तो ऐसे न जाने दूंगी, वही पीड़ा,वही कसक खुद में समाने न दूंगी, दूंगी तोहफा उसी अहसास का, जो तुम बिन तिल-तिल कर जिया है मैंने, रख के सीने पे तेरे शीश , मै खुद को मिट जाने दूंगी, हा तेरे प्यार में मै खुद को सिमट जाने दूंगी. - [25/12/2006] ...
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Abhishek Tiwari
| Commented
| 1 year ago
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bahut achii hai...Nandini g...You love him ALOT...Nothing to say
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Swathi ji ji
| Commented
| 2 years ago
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love Never goes but some times lover goes...as we don't have control on Life & Death.
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Nikhil
| Commented
| 2 years ago
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It is good to see a poetry here and truly a good one, I used to read a lot of proteries in my college days but lost touch as time went by, thank you and keep posting them good to read , can I print them, no I will not put my name on it , I wish to...
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Insight: "बहुत प्यार करते थे न मुझे..." deleted from your view.
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SQL SERVER
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5
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ORACLE
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Sairam. M
| Argues in support of
"SQL SERVER"
| 1 year ago
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SQL SERVER IS BEST WHEN COMPARED TO ORACLE, BECAUSE IT SUPPORTS ACTIVE DIRECTORY. IN SQL SERVER WE CAN CREATE 2 TYPES OF USERS (STRUCTURED QUERY LANGUAGE) SQL USERS AND ACTIVE DIRECTORY USERS. CENTRALIZED ADMINISTRATION IS POSSIBLE, BACKUP AND...
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Abhishek Tiwari
| Argues in support of
"ORACLE"
| 2 years ago
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This depends on the project requirement..both are better in current market...peoples who are familier with SQL they always prefer SQL server. and oracle professionals are always with ORACLE DB.
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Arunkumar
| Argues in support of
"SQL SERVER"
| 2 years ago
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SQL Server is better than oracle.I can justify myself by the following bullet points, One of the main Microsoft SQL Server 2000 advantage in comparison with Oracle 9i Database is that SQL Server is cheaper . Other SQL Server advantage is that...
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Debate: "SQL SERVER 2008 OR ORACLE...Which is better?" deleted from your view.
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मैं तुम्हारी बाट जोहूं तुम दिशा मत मोड़ जाना। तुम अगर ना साथ दोगे पूर्ण कैसे छंद होंगे। भावना के ज्वार कैसे पंक्तियों में बंद होंगे। वर्णमाला में दुखों की और कुछ मत जोड़ जाना। देह से हूं दूर लेकिन हूं हृदय के पास भी मैं। नयन में सावन संजोए गीत हूं¸ मधुमास भी मैं। तार में झंकार भर कर बीन–सा मत तोड़ जाना। पी गया सारा अंधेरा, दीप–सा जलता रहा मैं। इस भरे पाषाण युग में मोम–सा गलत रहा मैं। प्रात को संध्या बनाकर सूर्य–सा मत छोड़ जाना...!!!
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Abhishek Tiwari
| Commented
| 2 years ago
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ye website non accessible thi mere network pe abhi kuch din pehle reopen hui hai...
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Insight: "सूर्य–सा मत छोड़ जाना" deleted from your view.
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सुनो क्या याद है तुम्हे पहली मुलाकात पलकें झुकाए दबी दबी हँसी छलकने को बेताब वो अल्हड़ लम्हे भीगा एहसास हाथों में हाथ लिए घंटों ठहरा वक़्त उनिंदी रातें कहने को अनगिनत बातें दिल की बंज़र ज़मीन पर नाख़ून से बने कुछ निशान कोरे केनवस पर खिंची आडी तिरछी रेखाओं के ज़ख़्म आज भी ताज़ा है नमी खून से रिसति लकीरों में जिंदा है तेरे हाथों की खुश्बू धमनियों में दौड़ते खून में तेरी यादें मकसद हैं मेरे जीने की चाह का तेरा एहसास उर्जा है मेरी साँसों के प्रवाह का
Insight: "पहली मुलाकात " deleted from your view.
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क्या दौलत की खातिर ही, इन्सान जहाँ में आता है?? सकल कमी जोड़ते-जोड़ते, आखिर एक दिन मर जाता है. क्या मिलता है उसे यहाँ पर, छोड़ यही तो जाता है. तो फिर काहे जीवन भर, वह लुट-खसोट मचाता है? Nandini g [27/7/99]
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Abhishek Tiwari
| Commented
| 2 years ago
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ye baat kitni satya hai eiski vyakhaya karna bahut mushkil hai kyoki sabko uppar ye lagoo nahi hoti Nandini G
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Mohammad Bakhsh
| Commented
| 2 years ago
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Saamman Sau Baras Ka, Pal ki Khabar Nahi.....Hoard to last 100 years,unaware of a next moment...Living species by nature hoard to stay afloat in times of crisis and humans are step ahead of others insetting up colonies increasing foot prints at...
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Insight: "क्या दौलत की खातिर ही, इन्सान जहाँ में आता है??" deleted from your view.
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तुम जानना चाहती थी न ! कि-मेरी क्या हो तुम? तो सुनो- मुझमे समाहित प्रेम का,कोमल एहसास हो तुम. मेरी प्रेरणा,मेरा विश्वास,मेरा आधार हो तुम. मेरी प्राण,मेरी आत्मा,मेरा दिलो-दिमाग हो तुम. मेरे वक्तित्व का प्रारूप,मेरी पहचान हो तुम. मेरी नस-नस मेरी रग-रग कि जान हो तुम. तुम क्या नही हो, ये मै बता नहीं सकती? रिश्तों के उपमान , तुम पर लगा नही सकती, क्योंकि आज हर रिश्ते पर , कोई न कोई दाग लग चूका है, संबंधो कि सीमाओं पर वासनामय आग लग चूका है. सारे जज्बात झुलस रहे है, अल्फाज बिखर रहे है. सभी जलते हुए हृदय से , एक-दुसरे के अन्दर के सैलाब निरख रहे है. कुछ तो स्वाहा होकर,रख में तब्दील हो चुके है. कुछ जो बच गये है ,वे प्लास्टिक सर्जरी कि तरह, ख़ुशी कि चादर लपेट, अपने हृद के घावों को छुपा, अन्य लिपटे लिबा...
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Sairam. M
| Commented
| 1 year ago
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RISHTON KOH BANANEY KEY LIYA VISHWAS HONA JARURI HAI, AGAR VISHWAS NAHI HAI TOH RISHTON KAA KOI MOOL HEE NAHI. BINA VISHWAS KEY JINDAGI CHALANA BOHOTH MUSHKIL HAI. LIFE IS ALL ABOUT FAITH. THANKS FOR SHARING.....
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Abhishek Tiwari
| Commented
| 2 years ago
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Achii kavita hai eisi tarah likhti rahiye aur hamare dil main jagah banati rahiye
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Swathi ji ji
| Commented
| 2 years ago
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vo log bahut saubhagyashali hai prem ke ek hi indradhanush me Sneh ke hr rang mile !!!
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Insight: "मेरी क्या हो तुम?" deleted from your view.




