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Tech World

 
By : Nitin Mehra, Software Developer, ROBOMAN MICROSYSTEMS
Activity:  1 comments  171 views  last activity : 07 05 2012 19:04:50 +0000
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हिग्स बोसोन की अवधारणा : क्या  हिग्स बोसोन वाकई ईश्वरीय कण है ?


इसके लिए सबसे पहले ये जानना पड़ेगा की ये बोसोन है क्या? दरअसल भोतिकी की परमाणु सरचना को समझने के लिए कई तरीके की सिद्धांतो का प्रतिपादन किया जाता रहा है उसी में से एक कणीय भौतिकी है जो ये कहती है जो ये खोज करती है और पढ़ाती है की पदार्थ किन किन कणों से मिलकर बना है उन्ही कणों में कुछ कण है जिन्हें बोसोन कहते हैं और उन्हें बोसोन इसलिए कहते हैं की वो एक भारतीय वज्ञानिक सत्येन्द्र नाथ बोस ने खोजे जो अल्बर्ट आइन्स्टीन के सहयोगी थे । यानि बोस के ढूंढे हुए कण बोसोन। अब ये जो हिग्स है ये भी एक विस्तार माना गया है उन कणों के बीच । यानि अंग्रेजी में एक फील्ड । अब इस विस्तार यानि फील्ड में जो कण होते है उन्हें हिग्स बोसोन कहते हैं ये हिग्स फील्ड भी एक विज्ञानी पीटर हिग्स के नाम पर है ।

अब ये है सवाल की ये हिग्स बोसोन की इतनी चर्चा क्यों है और  क्या ये वाकई ईश्वरीय कण है ?

हिग्स बोसोन ये कहा जा रहा है की पदार्थ को भार देने वाला कण है यानि जब वो अन्य कणों के साथ संयोग में होता है तो पदार्थ यानि मैटर में भार आ जाता है और ये कण पुरे ब्रह्माण्ड में हर जगह व्याप्त हैं इसी लिए इन्हें ईश्वरीय कण कहा जा रहा है ।

अब एक अलग नज़रिए से इसे देखते हैं पदार्थ में भार के लिए भारहीनता को समझना जरूरी है मुझे ये लगता है की भारहीनता को समझे बिना भार को नहीं समझा जा सकता । इसे इस तरह से समझने की कोशिश करते हैं की जब इंसान किसी ऐसी जगह जैसे अन्तरिक्ष में जाता है तो वो भारहीन हो जाता है या कोई भी चीज़ जब अन्तरिक्ष में जाती है तो भारहीन हो जाती है और प्रथ्वी पर पहुचते ही भार आ जाता है तो क्या वो कण तब अन्तरिक्ष में नहीं थे जो भार का अनुभव हुआ प्रथ्वी पर आकर। इससे ये साबित होता है की भार हमेशा किसी और चीज़ के संपर्क में आने पर महसूस होता है लेकिन एक और तथ्य है मजेदार इंसान को अपना भार कभी प्रतीत नहीं होता । लोग रोज़ चलते है दौड़ते है उनसे पूछना कितना भार लेकर चल रहे हो या दौड़ रहे हो तो वो कहेंगे कुछ भी नहीं हम तो खाली हाथ हैं ।

तो क्या हमारा वजन नहीं नहीं भार नहीं है क्या? लेकिन हमें कभी प्रतीत नहीं होता धरती पर रहते हुए भी। क्यों? इस बात को ये हिग्स बोसोन की थेओरी साबित कर पाएगी ये लगता नहीं अभी तो।

रही बात ईश्वरीय कण की तो हमेशा से कहा जाता है भगवान् कृष्ण ने कहा की मैं कण कण में व्याप्त हु लेकिन ये नहीं कहा की मैं कण हूँ तो कणों को ढूढने से भगवान् मिल जाए इसकी सम्भावना कम ही लगती है बाकि ये खोज हमारी समझ को विस्तार करने में मदद जरूर करेगी ।

 
1 comments on "HIGGS BOSON : Truely Higgs Boson is God Particle Or Not?"
  Commented by  AJAY KUMAR KHAITAN, Technology Consulting    | 07 05 2012 19:04:48 +0000
Very Funny & Childish, At first they named an unknown Particle as God Particle & then suddenly, on one fine morning they declared that they have found the GOD PARTICLE. Large Hadron Collider Experiments are wastage of Time, Money & Energy, a complete failure, making only News Gimmicks for Publicity....
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