Build your professional network on facebook via our app Go to app
 
<< Prev  14 of 29 in Topic  Next >>
Topic : Will Pakistan be a failed state?
  Rate : 
Posted in Community :

Foreign Policy

 
Industry : Publishing Functional Area : Politics
Keywords :

pakistan

george fulton

Activity:  2 comments  22 views  last activity : 04 22 2011 13:14:32 +0000
 Refer 51
Share
 
 
 

Following is my article published in DAINIK JAGRAN today.

खुदा हाफिज पाकिस्तान!

पाकिस्तान में कट्टरपंथी व आतंकी तत्वों को सरकार और समाज पर हावी होते देख रहे हैं राजीव शर्मा

ब्रिटिश पत्रकार जॉर्ज फुल्टन ने पाकिस्तान छोड़ने का फैसला कर लिया है। देश के प्रति बेपनाह मोहब्बत के प्रतीक के तौर पर मुशर्रफ कार्यकाल में उन्हें पाकिस्तान की नागरिकता प्रदान की गई थी। पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून में उन्होंने लिखा कि उन्होंने पाकिस्तान में जो कुछ देखा है, इसके बाद वहां रहना संभव नहीं रह गया है। पाकिस्तान को खुदा हाफिज करने के उनके फैसले का उनकी पाकिस्तानी सास ने भी समर्थन किया है। अपने लेख में उन्होंने कहा है कि जिस देश से उन्होंने मोहब्बत की, उसने उन्हें मायूस किया है। उन्होंने लेख की शुरुआत में लिखा है, पाकिस्तान विश्व के सर्वाधिक हिंसक देशों में से एक है। विभाजन पूर्व के भारतीय मुसलमानों को सुरक्षित पनाह देने के लिए बने इस देश के मुसलमानों के एक वर्ग ने आजादी (बांग्लादेश) के लिए संघर्ष किया। गवर्नर सलमान तसीर की उनके गार्डो द्वारा हत्या के साथ ही पाकिस्तान में उम्मीद की भी हत्या हो गई। तसीर की हत्या पाकिस्तानी मानसिकता की प्रतीक है। पाकिस्तानी समाज के तमाम तबकों और सामाजिक-आर्थिक समूहों में उग्रवाद ने पैठ जमा ली है। ये लोग हर बुराई के लिए हिंदुओं, यहूदियों और अमेरिकियों को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनके अनुसार, हाल ही में पाकिस्तानी गायक राहत अली खान की दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत पाकिस्तान के पाक नाम को बदनाम करने की दुष्ट हिंदुओं की साजिश है। राहत अली द्वारा गैरकानूनी ढंग से मुद्रा लाना और राहत का यह बयान भी उनके लिए कोई मुद्दा ही नहीं है कि हिरासत में उनके साथ दु‌र्व्यवहार नहीं किया गया और वह आगे भी भारत में संगीत कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहेंगे। फुल्टन के अनुसार पाकिस्तान में जिहादी शक्तियों और कट्टर मुस्लिमों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय नीतियों को प्रभावित करने के लिए औजार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। उनका मानना है कि आस्था और राष्ट्र की रक्षक पाकिस्तानी सेना उत्प्रेरक के तौर पर काम कर रही है। 1998 में परमाणु क्लब में शामिल होने के बाद पाक सेना की दबंगई बढ़ गई है। इसके बाद ही कारगिल में दुस्साहस, भारतीय संसद पर आतंकी हमला और भारत की व्यावसायिक राजधानी मुंबई में आतंकी नरसंहार हुआ है। यह जगजाहिर है कि पाकिस्तान के संभावित विनाश का प्रमुख कारण पाक सेना है। पाकिस्तान के प्रति नरम रुख रखने वाले ब्रिटिश पत्रकार फुल्टन का कहना है कि अमेरिका परस्ती के विरोध का रोना रोने के बावजूद पाकिस्तान अमेरिकावाद की स्थायी दासता के गंभीर रोग से ग्रस्त है। यह अमेरिका के पिट्ठू राष्ट्र के रूप में रहकर खुश है। जो फुल्टन नहीं कहते वह जानने के लिए हमें माग्ररेट बुर्क व्हाइट की पुस्तक हाफवे टु फ्रीडम पढ़नी होगी। इस किताब में लिखा है कि पाकिस्तान में इस्लाम प्रभुत्व और अमेरिकापरस्ती के बीज तभी पड़ गए थे, जब कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने तीहरा ताज पहना था। वह नए राष्ट्र के गवर्नर जनरल, उस समय पाकिस्तान की एकमात्र राजनीतिक पार्टी मुस्लिम लीग के अध्यक्ष और देश के कानून का निर्माण करने वाली इकाई कंस्टीट्यूशन एसेंबली के अध्यक्ष थे। माग्ररेट की पुस्तक में अतीत की अंतदृष्टि और भविष्य के सबक मिलते हैं। जहां तक फुल्टन का संबंध है वह अपने निष्कर्षो को सही ठहराते हैं कि अमेरिका के खिलाफ पाकिस्तान कितना ही हल्ला मचाए, किंतु हर बार उसकी गुर्राहट मिमियाहट में बदल जाती है। इसकी पुष्टि रेमंड डेविस मामले से हो जाती है। पहले सरकार और पाकिस्तान के सभी वर्गो ने रेमंड को मौत की सजा देने की मांग की और बाद में उसे चुपचाप रिहा कर दिया। रेमंड डेविस मामले से पता चलता है कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ खेल खेलने में कामयाब नहीं हो रहा है। पाश्चात्य मूल्यों, जैसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता, कानून के शासन का सम्मान और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की इच्छाशक्ति के अभाव का खुलासा हो रहा है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को संक्षिप्त बजट के लिए मजबूर किया था। बजट में पाकिस्तान ने खर्च में 173 अरब रुपये की कटौती की और 53 अरब रुपये के नए कर लगाए। व्हाइट हाउस को मालूम है कि पाकिस्तान में अमेरिका विरोध भावनाएं भड़कने पर उसके लिए संसद से घातक हथियारों और सैन्य साजोसामान की पाकिस्तान को आपूर्ति और पाकिस्तानियों को उदारता से वीजा जारी करने की अनुमति हासिल करना कठिन हो जाएगा। जॉर्ज फुल्टन के खुदा हाफिज पाकिस्तान लेख पर विश्व का ध्यान जाने के बाद दुनिया भर में पाकिस्तान की तीखी आलोचना हो रही है। यह पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी है। गहरी नींद से जागने के बाद अब पश्चिम को आभास हो रहा है कि पाकिस्तान उग्रवाद और असहिष्णुता के मार्ग पर बढ़ रहा है। पाकिस्तान ईसाई और अन्य धर्मो में यकीन रखने वालों की जरा भी परवाह नहीं करता। वहां पाठ्यपुस्तकों, प्रवचनों और मीडिया के माध्यम से अन्य धर्मो के प्रति विद्वेष फैलाया जा रहा है। पाकिस्तान का निर्माण एक ऐसे पंथ में आस्था रखने वालों के लिए हुआ है, जो सहिष्णुता और आपसी भाइचारे का पाठ पढ़ाता है। किंतु जैसाकि मेडिकल छात्र आसिफ नवाज ने कहा है कि आज पाकिस्तान में पाखंड और ताकत का वर्चस्व है। जैसे ही लोग सुनते हैं कि अमेरिका में कुरान को लेकर अशोभनीय घटना हुई है या कोई अशोभनीय कार्टून किसी ऐसे अखबार में छपा है, जिसे उन्होंने पढ़ा ही नहीं है, वैसे ही वे सड़कों पर तोड़फोड़ शुरू कर देते हैं। फ्रांस में बुर्का पर प्रतिबंध लगाने के विरोध में कानफोड़ू नारेबाजी शुरू हो जाती है। उनका मानना है कि अन्य लोग उनकी आस्था पर आघात कर रहे हैं। इसमें हैरत की बात नहीं है कि पाकिस्तान में उदारवादी लोग भी चुप्पी साधना ही बेहतर समझते हैं। वे कुछ भी बोलने से कतराते हैं क्योंकि उग्रवादी और कट्टरपंथी देश में उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं देता। इससे पाकिस्तान में उदार परंपरा की कमजोर धारा का संकेत मिलता है। बीबीसी के सर्वे से हैरत नहीं होती, जिसमें पाकिस्तान को सबसे नकारात्मक देशों की सूची में उत्तर कोरिया और ईरान की कतार में रखा गया है। फुल्टन के विस्फोट और कट्टरपंथी व उग्रवादी शक्तियों के इस्लामाबाद व रावलपिंडी में अपने मुख्तारों को बेदखल कर सत्ता हथियाने के प्रयासों ने सर्वे के आलोचकों के मुंह बंद कर दिए हैं। (

 
TrackBack URL:
2 comments on "Khuda Hafiz, Pakistan"
  Commented by  Rohit Thakur, Sr. MEP QA/QC Engineer, QA/QC INCHARGE, CONSTRUCTION SPECIALIST-MEP    | 04 22 2011 13:14:32 +0000
I dont think it was that difficuilt decision to take...I wonder he took years to understand pak and its system.
  Commented by  manish kumar, freelancer    | 04 21 2011 07:14:02 +0000
Khuda Hafiz, thank u sir for this article 
Add your comment on "Khuda Hafiz, Pakistan"

Rate:
Submit
Specialist in IT Recruitment
Specialist in IT Recruitment
Viewers also viewed
Is there a need of such statements at international level which might increase the tension...
 
2230 referals 27 arguments, 542 views
After the killing of Osama in Pakistan by US in a surgical operation, Indian political and...
 
138 referals 23 arguments, 278 views
Justifiable vs Not justifiable.
 
0 referals 7 arguments, 259 views
more...  
Recent Knowledge (16)
The following is a reproduction of from an article I wrote in 2004. 1.  Harnessing the vast...
 
735 referals 18 comments, 325 views
A Sufi Story Once upon a time, a fox that lost its legs lived in a forest. A forester who used...
 
294 referals 8 comments, 168 views
Isn't it amazing, that Indian Government has miserably failed to handle a major issue like this,...
 
0 referals 2 comments, 153 views
more...  
More From Author
India-Iran Drama Continues If Iran really was behind the February 13 attack  on an Israeli diplomat in New Delhi, Indian officials need be asking one key question: why? After all, despite the fact that India has voted against Iran twice at the...
India to Nix Terror Center Plan The United Progressive Alliance government seems left with no option but to give a quiet burial to its proposed newest anti-terror body  – the National Counter Terrorism Centre (NCTC) – inspired by a U.S. outfit of...
Rahul Gandhi Sounds Off It doesn’t happen very often that Rahul Gandhi, the heir apparent of the Congress party,  holds a brainstorming session with top editors , formally or informally. Indeed, he did so for the first time on Saturday when he...
more...