| Topic : TruLove |
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last activity : 08 06 2011 19:57:23 +0000
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मुझे तो मर ही जाना होता है,पर मैं अमर रहता हूँ।
कोई समझ पाए या नहीं मेरे प्रेम की कीमत,पर होती वो मेरी जान के बराबर है।
मैं एक छोटा सा पतंगा ये जानते हुए कि कभी भी कहीं से एक लौ के वार से मैं अपनी साँसें खो दूँगा।
मैं चल पड़ता हूँ पागलों की तरह तेरे पीछे, तुझे देखकर खुशी से झूम उठता हूँ। तेरे चारों तरफ घूमता रहता हूँ।
कुछ पल तेरे दीदार की खुशी मेरे आनेवाली दर्दनाक मौत का खौफ भी भुला देती है।
ऐ मेरी रोशनी, मैं तुझसे तहे दिल से प्रेम करता हूँ।
मैं तेरे प्यार में दीवाना इतना, कि ये जानते हुए कि तुझसे मुझे कुछ ना मिलेगा, अपनी एकमात्र पूँजी अपना अस्तित्व भी मिटा देता हूँ।
लोग सोचते हैं कि मैं कितना छोटा और लाचार हूँ। पर सच तो यह है कि मैं चंद इंच छोटा सा जीव इस विशाल मनुष्य जाति से कई गुना बड़ा हूँ।
जब मैं किसी दीवार के एक कोने पर चिपक के इस स्वार्थी मनुष्य के स्वार्थी प्रेम को देखता हूँ, इसकी अपार कटुता, असीम शत्रुता को देखता हूँ तो ये ऊँचा मनुष्य मेरे सामने छोटा नजर आता है।
कहने को तो मैं इस मनुष्य के दिल के छोटे से टुकड़े जितना भी नहीं पर फिर भी मेरे ह्रदय में उस दिल से ज्यादा जगह मालुम पड़ती है।
वो मनुष्य क्या अमर होगा जिसका प्रेम मर जाता है। पर ऐ मेरी रोशनी तू मेरा एकमात्र प्रेम है। मैं तुझे कभी मरने न दूँगा। मैं फिर से जनम लूँगा और फिर से झूमते हुए आकर निडर होकर तेरी रक्षा करूँगा।
तुमको बचाते हुए मैं फिर मर जाऊँगा। मुझे तो मर ही जाना होता है पर मैं अमर रहता हूँ।
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Its Too Gud.... |
Too good man.....nice to read.... |
मुझे तो मर ही जाना होता है,पर मैं अमर रहता हूँ। कोई समझ पाए या नहीं मेरे प्रेम की कीमत,पर होती वो मेरी जान के बराबर है। मैं एक छोटा सा पतंगा ये जानते हुए कि कभी भी कहीं से एक लौ के वार से मैं अपनी साँसें खो दूँगा। मैं चल पड़ता हूँ पागलों की तरह... |
